Wednesday, January 21, 2009

SMS 5

रिश्तो को यूँही समेट लेते है हम,
आंसू को यूँही पि लेते है हम,
जो गुज़रा है वक्त उनके साथ,
उन्ही को याद करके ज़िन्दगी गुज़ार लेते है हम.

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