रोज़ हम नशे में होते है और रात गुज़र जाती है,एक दिन रात नशे में होगी और हम गुज़र जायेंगे,शायद तभी हम किसी को याद आयेंगे.
Posted by TPM SUTRA at 9:10 PM
Labels: समस 37
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