कुछ सालो बाद नजाने क्या समां होगा,नजाने कौन दोस्त कहा होगा,फिर मिलना हुआ तोह मिलेंगे यादों में,जैसे सूखे गुलाब मिलते है किताबों में.
Posted by TPM SUTRA at 3:10 AM
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