Wednesday, March 17, 2010

SMS 44

कुछ सालो बाद नजाने क्या समां होगा,
नजाने कौन दोस्त कहा होगा,
फिर मिलना हुआ तोह मिलेंगे यादों में,
जैसे सूखे गुलाब मिलते है किताबों में.

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